अटल बिहारी वाजपेयी, भारतीय राजनीति के एक महान नेता, कवि और वक्ता थे, जिनका जीवन सदाचार, राष्ट्रभक्ति और समर्पण का प्रतीक है। उनका योगदान भारतीय राजनीति और समाज में अविस्मरणीय रहेगा।
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। उनके पिता का नाम कृष्ण बिहारी वाजपेयी और माँ का नाम कृष्णा देवी था। वाजपेयी जी का बचपन भी संघर्षों से भरा था, लेकिन उन्हें पढ़ाई में अत्यधिक रुचि थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्वालियर में प्राप्त की और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय के कानूनी कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। वाजपेयी जी का राजनीति में आने का रास्ता भी बहुत दिलचस्प था।
अटल जी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संस्थापक सदस्य थे और उन्होंने भारतीय राजनीति को एक नई दिशा दी। वह भारतीय राजनीति के ऐसे नेता थे जो अपनी सूझबूझ, वैचारिक स्पष्टता और कूटनीतिक समझ से सबको प्रभावित करते थे। उनका कार्यकाल प्रधानमंत्री के रूप में 1996, 1998 और 1999 में रहा। उन्होंने देश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए और नीतियाँ बनाई, जो भारतीय राजनीति के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुईं।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी 'पाकिस्तान के साथ परमाणु परीक्षण' 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षण, जिसने भारत को वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया। उनका यह साहसिक कदम पूरी दुनिया के सामने एक मजबूत संदेश था। इसके अलावा, उन्होंने भारत को एक नई दिशा देने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शुरुआत की, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग, सूचना प्रौद्योगिकी, और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार शामिल थे।
वाजपेयी जी का व्यक्तित्व बहुत ही विनम्र, बुद्धिमान और गंभीर था। वे एक प्रभावी वक्ता थे और अपनी भाषण शैली से किसी भी मुद्दे पर जनमानस को प्रेरित कर सकते थे। उन्होंने हमेशा भारत के विकास, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को प्राथमिकता दी। उनकी कविता भी बहुत प्रसिद्ध थी, जो उनकी विचारधारा और संवेदनाओं का प्रतिबिंब थी। उन्होंने कहा था:
"कभी अकेले तो कभी सबको साथ लेकर चलना है,
संघर्षों में ही जीवन की असली राह निकलती है।"
उनके प्रधानमंत्री बनने के दौरान उन्होंने 'स्वर्णिम चतुर्भुज योजना', 'सर्वशिक्षा अभियान' और 'भारत निर्माण' जैसे महत्त्वपूर्ण कार्य किए, जो भारतीय समाज को आगे बढ़ाने में सहायक साबित हुए।
अटल जी के नेतृत्व में भारत ने एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में कई कदम उठाए। उनके शासनकाल में भारत का वैश्विक प्रभाव बढ़ा, और उनकी विदेश नीति ने भारत को दुनिया के मानचित्र पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
हालांकि 2004 में वह राजनीति से कुछ हद तक दूर हो गए, लेकिन उनका योगदान हमेशा भारतीय राजनीति में अनमोल रहेगा। 16 अगस्त 2018 को उनका निधन हुआ, और पूरे देश ने एक महान नेता को खो दिया। उनकी यादें और उनके विचार आज भी हर भारतीय के दिल में जिंदा हैं।
सीख: अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन हमें यह सिखाता है कि अगर आपके इरादे मजबूत हों, तो किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है। उनका जीवन हमें यह भी बताता है कि सत्य, समर्पण और राष्ट्रीय सेवा के लिए काम करना सबसे बड़ी सफलता है।
0 Comments: